Poem · Journey
बस यही शुरुआत है
Hindi · 10 lines
मिला था तुमको उस मोड़ पे हम
छोड़ा था जग को रूठ के हम
तुमको देखकर अपना लगा था
बाग़ में मेरे कलियाँ खिला था
इशारों पे तेरे नाचेंगे बादल
हँसी ये तुम्हारी करेगी हमको पागल
तेरी पलकों के नीचे ये दुनिया बसी है
साँसों में तेरी हर ख़ुशबू समी है
इसी रास्ते के आगे अपनी मंज़िल कहीं है
बस यही शुरुआत है, अंतिम नहीं है
© Mohanram PV
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